Wednesday, March 20, 2013

डोली पे बिठाने का वादा किया था जिन्होंने
बैसाखी पे चला रहे हैं देश को
और टिकठी पर नज़र है उनकी,
हमें उठाने होंगे कदम
देश मरणासन्न हो चला है !!
आदमी भूखा है आत्मा भी
पानी सूखा है हवा भी
आकाश झुका है ज़मीं भी
देश मरणासन्न हो चला है !!
जो ये काली रात न बीती तो इसके मायने
खोजेगा भविष्य के क्यों ,
नेकी में बदी ,और बदी में भला है
क्या देश मरणासन्न हो चला है ? !
- विकास सिंह 

Saturday, March 9, 2013

ना पाक हैं न शरीफ हैं ,
फिर भी मियां इस समय अजमेर शरीफ हैं ,
उनका आना हुआ , सलमान का खाना हुआ ,
दो बाते हुयी , कुछ फ़साना हुआ, 
जाते जाते कह गए मिया अशरफ़
के कुछ गले और काट लायेंगे ..जो अबकी बार आना हुआ !!
सलमान ने मनाया और मिमियाते हुए समझाया 
आप क्या तकल्लुफ लेते हैं मिया 
जो दो तीन साल आप रुक लें 
तो हम खुद ही भिजवा देंगे , तोहफे में 

पूरा मुल्क , जो अबकी बार सरकार में आना हुआ !!

-- विकास सिंह !