अनपढ़ों को घूमते हुए देखते हैं कार में,
और पढ़े लिखे खड़े मिलते हैं कतार में,
फिर कैसे न बिके शिक्षा बाज़ार में?
कैसे पढ़ा लिखा इन्सान शिष्ट बने व्यवहार में?
और पढ़े लिखे खड़े मिलते हैं कतार में,
फिर कैसे न बिके शिक्षा बाज़ार में?
कैसे पढ़ा लिखा इन्सान शिष्ट बने व्यवहार में?
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