जैसे ही मेरी आंख लगी
दिल बहुत ही घबराया
रात की चादर में लिपटा
... ईक कातिल मेरे करीब आया
पूँछा बता तेरा मजहब है क्या
... कहते हुए मै सकुचाया
मैं सच्चा हिन्दुस्तानी हूँ
बोला नाम पता क्या बतलाया
तू राम का है या रहीम का है
तू नानक का वंशज या कबीर का है
जात बता अपनी नस्ल बता
बात है जो वो अस्ल बता
मैंने काशी में गंगा जल लिया
मैं काबे में आबे जम – जम पिया
मैं नानक का वाणी कहता हूँ
मैंने कबीर को खुद में जिया
गीता कुरान में फर्क नहीं
मैं क्या कहूँ मेरा नाम हैं क्या
कातिल भी जोर से हँसने लगा
मैंने हजरत को पत्थर मारा था
मैंने ईसा को सूली में टांगा था
राम को मैंने वनवास दिया
कृष्ण भी मुझसे हारा था
क्या नानक या कबीर
मैंने सबको पीर दिया
मैं इतना अधीर होने लगा
कातिल से कहा तेरे नाम है क्या
कातिल ने कहा मैं वक्त हूँ
मैंने कहा तुझे मजहब से क्या
सफेदपोशों ने हरदम पकड़ा रहा
खूनी इतिहास मुझसे लिखवाया
मैं कत्ल का गवाह हूँ
उम्र से पहले जो मारे गये
देखा मगर मैं बोला नहीं
मैं वक्त हूँ मैं वक्त हूँ
मैं वक्त हूँ
कातिल नहीं
दिल बहुत ही घबराया
रात की चादर में लिपटा
... ईक कातिल मेरे करीब आया
पूँछा बता तेरा मजहब है क्या
... कहते हुए मै सकुचाया
मैं सच्चा हिन्दुस्तानी हूँ
बोला नाम पता क्या बतलाया
तू राम का है या रहीम का है
तू नानक का वंशज या कबीर का है
जात बता अपनी नस्ल बता
बात है जो वो अस्ल बता
मैंने काशी में गंगा जल लिया
मैं काबे में आबे जम – जम पिया
मैं नानक का वाणी कहता हूँ
मैंने कबीर को खुद में जिया
गीता कुरान में फर्क नहीं
मैं क्या कहूँ मेरा नाम हैं क्या
कातिल भी जोर से हँसने लगा
मैंने हजरत को पत्थर मारा था
मैंने ईसा को सूली में टांगा था
राम को मैंने वनवास दिया
कृष्ण भी मुझसे हारा था
क्या नानक या कबीर
मैंने सबको पीर दिया
मैं इतना अधीर होने लगा
कातिल से कहा तेरे नाम है क्या
कातिल ने कहा मैं वक्त हूँ
मैंने कहा तुझे मजहब से क्या
सफेदपोशों ने हरदम पकड़ा रहा
खूनी इतिहास मुझसे लिखवाया
मैं कत्ल का गवाह हूँ
उम्र से पहले जो मारे गये
देखा मगर मैं बोला नहीं
मैं वक्त हूँ मैं वक्त हूँ
मैं वक्त हूँ
कातिल नहीं
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